शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु एकेडमिक कैलेंडर एवं सामान्य निर्देश

 एकेडमिक कैलेंडर एवं सामान्य निर्देश

इसके मुख्य बिन्दु निम्नलिखित हैं -  

  • शिक्षण कार्य प्रारम्भ होने से 15 मिनट पहले प्रातःकालीन सभा करानी है। दिन के अनुसार अलग अलग प्रार्थनाएं करानी हैं।        
            सोमवार - "वह शक्ति हमें दो दयानिधे..."

            मंगलवार- "दया कर दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना.... "

            बुधवार - "ऐ मालिक तेरे बंदे हम.... "

            गुरुवार - "सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु... "

            शुक्रवार - "हर देश में तू, हर भेष में तू... "

            शनिवार - "इतनी शक्ति हमें देना दाता... "


  • प्रार्थना के समय का प्रधानाध्यापक को फोटोग्राफ लेना है व तत्काल अपने खण्ड शिक्षाधिकारी को भेजना है।  इस फोटोग्राफ को टैबलेट में Save करके भी रखना है। 

  • विद्यालय निर्धारित समय सारणी के अनुसार संचालित किये जाये। प्रत्येक कालांश 40 मिनट का होगा।

  • शिक्षकों/शिक्षक संगठनों द्वारा आयोजित किसी गतिविधि में विद्यालय अवधि में प्रतिभाग नहीं किया जायेगा।

  • लाइब्रेरी के लिए प्रत्येक सप्ताह में दो वादन निर्धारित किया जाना सुनिश्चित किया जाये ।

  • प्रधानाध्यापक द्वारा शिक्षक डायरी का नियमित अवलोकन किया जाये ।

  • लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करने के लिए गतिविधियों का आयोजन शनिवार को किया जाये ।

  • महापुरुषों के जन्म दिवस पर उनके जीवन एवं योगदान के विषय में निबन्ध, पोस्टर एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कराकर विद्यार्थियों को जागरूक किया जाये ।

  • विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उनका स्वास्थ्य कार्ड (RBSK) के माध्यम से तैयार कराया जाये ।

  • बाल दिवस (14 नवम्बर ) के अवसर पर विद्यालयों में बाल मेला आयोजित किया जाये ।

  • दिनांक 3  दिसंबर को 'अंतराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस' के अवसर पर इससे सम्बंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाये ।

  • सभी विद्यालयों में वार्षिकोत्सव का आयोजन सुनिश्चित किया जाये ।

  • खेलकूद एवं शारीरिक व्यायाम/योग आदि को प्रत्येक दिवस अंतिम वादन में कराया जाये। 

  • विद्यालय अवधि में कोई भी रैली/प्रभात फेरी/मानव श्रृंखला/नवाचार गोष्ठी आदि कार्य न किये जाएं। 

  • प्रतियोगिता एवं जागरूकता अभियान आदि कार्यक्रम शनिवार को ही कराये जाएं। 

  • 15 अगस्त, 26 जनवरी एवं 2 अक्टूबर का राष्ट्रीय पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाये। 

  • सोमवार से शुक्रवार तक शैक्षणिक कार्य के उपरांत 30 मिनट का रेमेडियल कक्षा-शिक्षण का आयोजन किया जाये। 

  • दो सत्रीय परीक्षाएं क्रमशः अगस्त एवं दिसंबर में, अर्द्धवार्षिक परीक्षा अक्टूबर में एवं वार्षिक परीक्षा मार्च में आयोजित की जायेगी। 

  • विद्यालय अवधि के उपरांत प्रत्येक शनिवार को शिक्षा चौपाल का आयोजन किया जाए। 

  • को - लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को बालवाटिका कक्षा के रूप में तैयार कराना। 



       

                














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